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अध्यापक दिवस क़े मौके पर राज्य स्तरीय प्रोग्राम में जालंधर पहुंचे पंजाब क़े शिक्षा एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी.सोनी  राज्य पुरस्कार के लिए चुना गया गुरदासपुर के अध्यापक को 

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जालंधर / गुरदासपुर 
आशु चौहान / संदीप 

अध्यापक वर्ग को हमारे समाज में ऊँचा स्थान हासिल है यह वर्ग हमारे समाज को सही दिशा देने में एहम योगदान अदा करता है और ऐसा ही एहम योगदान दिया है गुरदासपुर के गांव रंगड़ नंगल के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अध्यापक गुरमीत सिंह ने और शिक्षा के क्षेत्र में इनके इसी योगदान को देखते हुए पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्ये पुरस्कार के लिए इनका नाम घोषित किया यह पुरस्कार जालंधर में अध्यापक दिवस समागम के मौके गुरमीत सिंह को दिया जायेगा वही इस पुरस्कार के लिए यहां अध्यापक गुरमीत सिंह खुश दिखाई दे रहे है वही स्कूल में उनके साथी अध्यापक और स्कूल के बच्चे भी खुश दिखाई दे रहे है 
.गुरमीत सिंह गुरदासपुर के गांव रंगड़ नंगल के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में  राजनीतिक शास्त्र के अध्यापक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे है वही गुरमीत सिंह ने बताया के 2001 को वह शिक्षा विभाग में बतौर अध्यापक तैनात हुए थे और उनका एक ही सपना था के शिक्षा के क्षेत्र में कुछ अलग कर दिखाना है तभी से वह इसके लिए जुट गये और स्कूल के बच्चो को नए नए तरीकों से पढ़ाने लगे जिससे बच्चे को भी पढ़ाई आसान लगने लगी साथ ही गुरमीत सिंह सामाजिक कामो में भी समय देने लगे जिसके चलते नशे के खिलाफ विद्यार्थीओ को जागरूक करना ,पर्यावरण को कैसे बचाया जाए , अध्यापकों को ट्रेनिंग देना , सामाजिक बुराइयो और अच्छे कामो के ऊपर लेख लिखना और स्कूल के विकास को लेकर काम करना गुरमीत का कहना था मेरे इस योगदान को देखते हुए आज मेरी मेहनत का फल मिला है साथ ही गुरमीत सिंह का कहना था के पहले भी उनको मालती ज्ञान पीठ अवार्ड भी दिया गया है जो पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों मिला था साथ ही गुरमीत सिंह ने अध्यापक वर्ग को अपील की के हम सब को मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को ऊँचे स्तर पर लेकर जाये 
वही गुरमीत सिंह को राज्ये पुरस्कार के लिए चुने जाने को लेकर यहां स्कूल की प्रिंसिपल  ने ख़ुशी जताते हुए कहा के गुरमीत सिंह काफी मेहनती अध्यापक है और वह अपने फ़र्ज़ को बखूबी तरीके से निभा रहे है और सामाजिक कामो में भी उनका योगदान सराहनीये है और हमे मान महसूस हो रहा है के हमारे स्कूल के अध्यापक को राज्ये पुरस्कार के लिए चुना गया है 
वही गुरमीत सिंह से पढ़ने वाले बच्चो ने कहा के हमे ख़ुशी महसूस हो रही है के हमारे अद्यापक को स्टेट अवार्ड दिया जा रहा है उनका कहना था के अध्यापक गुरमीत सिंह के पढ़ाने का तरीका बहुत सरल है और इनसे पढ़ने में हमे ख़ुशी होती है और इनका व्यवहार भी काफी दोस्ताना होता है 

 

पंजाब में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने, शिक्षा क्षेत्र में सुधारों व बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर पंजाब सरकार 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी उक्त शब्द पंजाब के शिक्षा मंत्री ओ.पी. सोनी ने स्थानीय आई.वी.आई. वल्र्ड स्कूल में अध्यापक दिवस के मौके पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित करने के दौरान कहे।

सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह शिक्षा क्षेत्र की कायाकल्प करने के लिए वचनबद्ध हैं। राज्य के 13,000 सरकारी स्कूलों में 25 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और ऐसे आंकड़े हमारे लिए गर्व वाली बात है। पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासों के लिए 64 करोड़ रुपए, लाईब्रेरी व किताबों के लिए 5 करोड़ रुपए, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 9 करोड़ रुपए, क्लास रूमों के लिए 120 करोड़ रुपए, बच्चों की वर्दियों पर 86 करोड़ रुपए, सोलर पैनलों पर 30 करोड़ रुपए, खेलों के लिए 18 करोड़ रुपए, ग्रीन बोर्डों पर 2 करोड़ रुपए, मिड-डे मील पर 310 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में फंड्स की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और इस क्षेत्र के सर्वपक्षीय विकास को विशेष तवज्जो दी जाएगी।

अध्यापक केवल बच्चों को शिक्षित करने ही नहीं बल्कि उन्हें नैतिक शिक्षा व उनके उज्ज्वल भविष्य को बनाने की दिशा में ध्यान केंद्रित करें ताकि बच्चों में देशभक्ति व देश के नवनिर्माण की भावना जागरूक की जा सके। सोनी ने बताया कि पंजाब सरकार उन पिं्रसीपलों व मुख्य अध्यापकों को विशेष तौर पर सम्मानित करेगी जिनके अगले शैक्षणिक स्तर में शत-प्रतिशत परिणाम आएंगे। शिक्षा मंत्री ने अध्यापक दिवस पर पुरस्कार हासिल करने वाले अध्यापकों को स्टेट अवार्ड देते हुए कहा कि आज का दिन देश के महान राष्ट्रपति डा. एस. राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में करवाया जाता है और अध्यापकों का दायित्व बनता है कि उनके पदचिन्हों पर चलते हुए समाज को शिक्षित करने को समर्पण की भावना से काम करें। किसी भी कारण निलंबित हुए अध्यापकों की बहाली का रास्ता आसान किया जाएगा। कार्यक्रम को शिक्षा विभाग के सैक्रेटरी कृष्ण कुमार, डी.जी.एस.ई. प्रशांत कुमार गोयल, डी.पी.आई. सैकेंडरी सुखजीत पाल सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर सांसद संतोख चौधरी, विधायक राजिन्द्र बेरी, मेयर जगदीश राज राजा, जिला कांग्रेस के प्रधान दलजीत सिंह आहलुवालिया, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सतनाम बिट्टा, ब्लाक प्रधान हरजिन्द्र लाड़ा आदि मौजूद थे। 

 

पंजाब के शिक्षा व पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश सोनी सबसे पहले 1997 में निर्दलीय तौर पर अमृतसर पश्चिम सीट से निर्वाचित हुए थे। 2002 तथा 2007 में पुन: अमृतसर पश्चिम सीट से कांग्रेस की सीट पर विधायक बने। 2012 में वह अमृतसर केंद्रीय हलके से निर्वाचित हुए। मार्च 2017 में वह पुन: अमृतसर केंद्रीय हलके से कांग्रेस की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।

सोनी उन 42 कांग्रेसी विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.वाई.एल. नहर के मामले में पंजाब के विरुद्ध सुनाए गए फैसले के बाद तत्कालीन पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कै. अमरेन्द्र सिंह के आह्वान पर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

कै. अमरेन्द्र सिंह का विश्वासपात्र होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार में शिक्षा व पर्यावरण जैसे दो महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार सौंपा। मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह शिक्षा के गिरते स्तर से चिंतित थे जिस कारण शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने की जिम्मेदारी सोनी को सौंपी गई। अध्यापक दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्री सोनी के साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई 

सरकारी स्कूलों के नतीजों को सुधारने की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसीपलों तथा जिला के शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार अब सरकारी स्कूलों में बेहतर आधारभूत ढांचा प्रदान करने जा रही है। सरकार के एजैंडे में शिक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने दिल खोल कर फंड भी अलॉट कर दिए हैं। अब जब सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं मौजूद होंगी तो अध्यापकों तथा प्रिंसीपलों को अपनी कारगुजारी का प्रदर्शन करना होगा। जिन स्कूलों में नतीजे शत-प्रतिशत नहीं आएंगे उनकी जिम्मेदारी प्रिंसीपलों व जिला शिक्षा अधिकारियों पर डाली जाएगी। 

सरकार ने इस वर्ष 21,000 स्मार्ट क्लास रूम बनाने का निर्णय लिया है तथा इसके लिए सरकार ने 64 करोड़ रुपए का बजट रखा है। अगले वित्तीय वर्ष में स्मार्ट क्लासरूम और बनाए जाएंगे। इसी प्रकार ग्रीन बोर्डों के लिए सरकार ने 2.10 करोड़ रुपए की राशि रखी है। यह ग्रीन बोर्ड सरकारी स्कूलों में लगाए जाएंगे। 

राज्य में चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 880 सरकारी स्कूलों में सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया है। सोलर पैनल लगने से सौर ऊर्जा से बिजली की सप्लाई स्कूलों में होगी जिससे बिजली बिलों में कमी आएगी। बचने वाला पैसा स्कूलों में आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाने पर खर्च किया जाएगा। अगले वर्ष और स्कूल इस श्रेणी में शामिल किए जाएंगे। सरकार की योजना सभी सरकारी स्कूलों में सोलर पैनल लगाने की है। 

सरकार सबसे पहले सरकारी स्कूलों में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाना चाहती है। उसके बाद खिलाडियों को खेलों की तरफ लगाया जाएगा। स्पोट्र्स इंफ्रास्ट्रक्चर स्कूलों में उपलब्ध करवाने के लिए 18.19 करोड़ की राशि रखी गई है। 

चालू वर्ष के दौरान 1500 सरकारी स्कूलों में आर.ओ. सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए 9 करोड़ की राशि आबंटित कर दी गई है। इससे पीने के पानी की समस्या को दूर किया जा सकेगा।

कई स्कूलों में कक्षाओं की कमी चल रही है तथा यह मामला सरकार के ध्यान में है जिसे देखते हुए अतिरिक्त कक्षाएं बनाने के लिए 120 करोड़ की राशि आबंटित की गई है। इसी तरह से ‘पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब’ के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। 

सरकार ने चालू वर्ष के दौरान इसका भी समाधान निकाल लिया है। चालू वर्ष के दौरान 14,42,106 बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने 86.52 करोड़ रुपए की राशि रखी है। इसी तरह से लाइब्रेरियों में किताबों की कमी को दूर करने के लिए 5.22 करोड़ रुपए रखे गए हैं। लड़कियों के लिए सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध करवाने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

 शिक्षा विभाग द्वारा तुरन्त सभी ऑनलाइन टैंडर लगाए जा रहे हैं तथा उसके तुरन्त बाद इन पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। ऑनलाइन टैंडरों में पूरी पारदर्शिता रखी जाएगी। 

मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह ने सख्त स्टैंड लिया है कि टैंडरों में अगर गोलमाल होता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मुझे उम्मीद है कि सरकार द्वारा अगले 2 वर्षों में उठाए जाने वाले कदमों के सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। यह भी पूरी उम्मीद है कि सरकारी स्कूलों का स्तर ऊंचा होगा। पंजाबी बच्चे अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलेबाजी का सामना कर सकेंगे। उन्हें अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने भी आज अध्यापक दिवस के अवसर पर दावा किया है कि सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार आना शुरू हो गया है। उन्होंने आज कुछ सरकारी स्कूलों की तस्वीरों को अपनी फेसबुक पर लोगों के साथ शेयर करते हुए बताया कि कुछ सरकारी स्कूलों में स्टाफ, अध्यापकों, विद्याॢथयों व अन्य समाज सेवी संस्थाओं की मदद से नुहार बदल गई है। पंजाब सरकार राज्य के सभी स्कूलों की नुहार बदलने के प्रति कृतसंकल्प है। ऐसे कुछ सरकारी स्कूल अब अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। सभी स्कूलों को अच्छी शिक्षा देने के लिए वल्र्ड क्लास लॄनग सैंटर बनाने के लिए सरकार वचनबद्ध है। 

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